ग्रामीणों को मिला हर घर ‘इज्जत घर’ का तोहफा, खुले में शौच से मुक्त हुए गांव

– यूपी के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान ने लिया बड़े जनआंदोलन का रूप
– मात्र 04 माह में राज्य सरकार ने कराया 18207 इज्जत घरों का निर्माण
– प्रत्येक व्यक्ति को शौचालय की सुलभता के लिये निर्मित कराए 51189 सामुदायिक शौचालय
– साफ-सफाई को सुदृढ़ करने के लिये गांवों को सिंगल यूज प्लास्टिक से किया मुक्त

लखनऊ। स्वच्छ भारत मिशन के तहत राज्य सरकार की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में छेड़े गये स्वच्छता अभियान ने धीरे-धीरे जनआंदोलन का रूप ले लिया है। उत्तर प्रदेश के कई गांव खुले में शौच से मुक्त हो चुके हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को हर घर इज्जत घर का तोहफा मिला है। ‘कोई भी परिवार न छूटे’ का अनुपालन करते हुए ऐसे परिवार जो पिछले साल छूट गये थे उन्हें नो लेफ्ट बिहाइंड की श्रेणी में शामिल करते हुए देश में कुल 1302395 इज्ज्त घर बनाए गये।

राज्य सरकार ने तेजी से कदम बढ़ाते हुए वित्तीय वर्ष 2021-22 में अब तक मात्र 04 महीने में 18207 इज्जत घरों का निर्माण करा लिया है। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक व्यक्ति को शौचालय की सुलभता के उद्देश्य से 51189 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इन सामुदायिक शौचालयों के रखरखाव और रोजगार सृजन को देखते हुए 45023 स्वयं सहायता समूह को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इतना ही नहीं सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक से ग्राम को मुक्त बनाने का भी बड़ा काम किया है।

स्वच्छ भारत मिशन के फेज-02 के तहत सरकार का प्रयास गांवों में शौच मुक्त की स्थिति को बनाए रखना है। इसके साथ-साथ ठोस और तरल अपशिष्ट के प्रबंधन को सुनिश्चित करते हुए ग्रामों की साफ-सफाई की स्थिति को सुदृढ़ किया जा रहा है और जन-जन को साफ-सफाई और स्वस्थ्य के प्रति जागरूक किया जा रहा है। गौरतलब है कि कोविड-19 के दौरान भी राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों की स्वच्छता पर पूरी सजकता से ध्यान दिया। जिसका असर है कि ग्रामीण क्षेत्रों में महामारी नहीं फैल सकी। विशेष स्वच्छता अभियान और साफ-सफाई के प्रति जागरूकता ने मौसमी बीमारियों से ग्रामीणों और किसानों को बचाए रखा।

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