भाजपा सांसद कमलेश पासवान को ग्रामीणों ने खदेड़ा

  • बाढ़ की त्रासदी झेल रहे ग्रामीणों का हाल जानने पहुंचे थे सांसद
  • नाराज ग्रामीणों ने जमकर किया विरोध, बोले- अब क्या करने आए हो ?

गोरखपुर : जिले में बाढ़ की त्रासदी झेल रहे लोगों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। बांसगांव के बीजेपी सांसद कमलेश पासवान को अचानक सोमवार को उस समय क्षेत्र की पब्लिक के विरोध का सामना करना पड़ गया, जब वह बांसगांव संसदीय क्षेत्र के चौरीचौरा इलाके के राजधानी गांव में बाढ़ से पीड़ित जनता का हाल जानने पहुंचे। नाराज ग्रामीणों ने सांसद का जमकर विरोध कर दिया और उन्हें वापस जाने को मजबूर कर दिया। हालांकि इस बीच नाराज ग्रामीणों को कुछ लोगों ने समझाने की भी कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने और सांसद का विरोध करते रहे। लिहाजा सांसद को वापस लौटना पड़ा।

राजधानी सिलहटा बांध टूटने से घिरे हैं 30 हजार लोग
दरअसल, गोरखपुर में राप्ती, रो​हिन और घाघरा नदियों के साथ ही गोर्रा और आमी नदी भी अपना कहर बरपा रही है। हालांकि फिलहाल नदियों का जलस्तर कम हो रहा है। बावजूद इसके जिले में अब तक करीब 400 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। वहीं, बाढ़ से लगभग 2.50 लाख से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है। हजारों लोगों ने रेलवे स्टेशन, सड़क और बांधों पर शरण ले रखा है। ऐसे में इस आपदा की घड़ी में हर ग्रामीण अपने चुने हुए जनप्रतिनिधयों से मदद की उम्मीद लगाए बैठे हैं। लेकिन हैरानी वाली बात यह है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही बाढ़ प्रभावित इलाकों का तुफानी दौरा कर खुद राहत सामग्री बांट रहे हैं, लेकिन यहां कोई जनप्रतिनिधी अपने क्षेत्र में दिखाई नहीं दे रहा।

कोरोना से लेकर बाढ़ तक में सांसद का पहला दौरा
वहीं, चौरीचौरा इलाके का राजधानी सिलहटा बांध टूटने से यहां दर्जन भर गांवों के 30 हजार लोग बाढ़ से घिरे हैं। कोई घर की छतों पर कोई अन्य जगहों पर शरण ले रखा है। जनता को जहां भोजन पानी की किल्लत हो रही वहीं, मवेशियों को चारा और बच्चों को दूध तक नसीब नहीं हो रहा। ऐसे में ग्रामीणों का आरोप है कि अब जब बाढ़ कम होने लगी तो सांसद क्या करने आए हैं। राजधानी गांव के ग्रामीणों के मुताबिक बाढ़ के दौरान सांसद कमलेश पासवान का क्षेत्र में यह पहला दौरा था। इससे पहले वे आखिरी बार क्षेत्र में कब दिखे, यह वहां की जनता को भी याद नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले कोरोना का कहर झेले और अब बाढ़ का झेल रहे, बावजूद इसके कोई हमारी मदद को आगे नहीं आया।

ऐसे में बीजेपी सांसद के लिए ग्रामीणों का विरोध बताता है कि प्रशासन की तरफ से पर्याप्त मात्रा में राशन और राहत सामग्री का वितरण नहीं हो रही और न ही उन्हें कोई मदद मिल रही। यही वजह है कि सांसद कमलेश पासवान को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में बंधे पर शरण लेने वाले ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ गया। वहीं, ग्रामीणों द्वारा विरोध का यह वीडियो गोरखपुर में तेजी से वायरल हो रहा है।

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