पुलिस को दे दी बच्चे के झूठी अपहरण की सूचना; एक घंटे में बच्चा बरामद

  • शरद गुप्ता

गोरखपुर : रविवार की शाम एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मां ने महज 50 हजार रुपए के लिए अपने तीन महीने के मासूम बेटे को किसी दूसरी महिला के हाथों बेच दिया। जैसे ही महिला बच्चे को लेकर निकली, मां ने पुलिस को बच्चे के जूठी अपहरण की सूचना दे दी। घटना गोरखनाथ इलाके के रसूलपुर की है। सूचना पर पुलिस और आला अफसर पहुंच गए और मामले की पड़ताल शुरू कर दी। एक घंटे के अंदर ही पुलिस ने बच्चा खरीदने वाली महिला को गोरखनाथ थाने के पीछे से ही पकड़ लिया और मासूम को बरामद कर लिया। पुलिस बच्चा खरीदने वाली आरोपित महिला और बच्चे की मां को लेकर थाने पहुंची है। दोनों से पुलिस पूछताछ कर रही है।

गोरखनाथ इलाके के इलाहीबाग की रहने वाली सलमा खातून पत्नी शमशाद ने रविवार की शाम गोरखनाथ पुलिस को सूचना दी कि वह रसूलपुर स्थित शहनाई मैरिज हाउस के पास से पैदल गुजर रही थी। इस बीच लाल रंग की साड़ी पहनी हुई एक महिला आई और बच्चे को उसकी गोद से छिन लिया। जब तक वह शोर मचाती, तब तक कुछ दूरी पर एक कार खड़ी थी, जिसमें महिला बच्चे को लेकर फरार हो गई। सूचना पाते ही पुलिस, एसपी सिटी सोनम कुमार मौके पर पहुंच गए और मामले की पड़ताल शुरू कर दी।

शुरूआती पूछताछ में ही महिला कई तरीके की बात करने लगी, जिसपर पुलिस को शक हुआ। पुलिस ने घटना स्थल से ही सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया और एक घंटे के अंदर बच्चे को फुटेज के आधार पर गोरखनाथ थाने के पीछे से बरामद कर लिया। एसपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि मां ने ही बच्चे को 50 हजार रुपए में किसी दूसरी औरत के हाथों बेच दिया था।

घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी में ही शातिर मां की हरकतें कैद हो गई थी। मासूम की मां ने जिस महिला पर बच्चे के अपहरण का आरोप लगाया, वह खुद घटनास्थल पर उससे काफी देर बात करती कैमरे में कैद हो गई। इसके बाद महिला ने एक ई रिक्शा रूकवाया और बच्चे को उस महिला के हाथों में सौंप दिया। इसके बाद वह बच्चे को लेकर फरार हो गई। एसपी सिटी ने बताया कि फुटेज के आधार पर महिला को ट्रेस करना शुरू किया गया और आखिरी फुटेज उसका गोरखनाथ थाने के बगल वाली हुमायुपुर रोड पर मिला, जिसके आधार पर महिला को पकड़ लिया गया और बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया।

हालांकि बच्चे को मां ने क्यों और किसके हाथों बेचा, पुलिस इसकी अभी जांच कर रही है। महिला के देवर तबरेज ने बताया कि मेरे बड़े भाई शमशाद गोरखनाथ इलाके में कबाड़ का काम करते हैं। शादी के बाद से ही वह अपने परिवार के साथ रसूलपुर मोती ​बगिया में रहते हैं। जबकि परिवार के अन्य लोग रसूलपुर में ही दूसरे मकान में रहते हैं। तबरेज ने बताया कि उसके भाई के चार बच्चे हैं। तीन बेटे और एक बेटी। सबसे छोटा बेटा जो तीन महीने का है, उसी के अपहरण की कहानी भाभी सलमा ने गढ़ी। तबरेज ने बताया कि इससे पहले परिवार में किसी तरह का कोई विवाद नहीं था।

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