पुलिस ने डॉक्टर बुला लगवाए 13 टाकें, इलाज करा खुद सेवा कर रही पुलिस

  • शरद गुप्ता

गोरखपुर : पुलिस के पास एक ऐसा अनोखा मामला पहुंचा जिसे देख पुलिसकर्मियों के साथ वहां मौजूद हर कोई दंग रह गया। कैंट इलाके के इंजीनियरिंग कॉलेज पुलिस चौकी पर एक गाय बुरी तरह घायल हालत में पहुंची। गाय को काफी चोटे लगी थी। उसे काफी खून बह रहा था। जब किसी ने बेजुबान की मदद नहीं की तो वह खुद ही मदद की दरकार लिए पुलिस चौकी के अंदर चली गई। अब इसे इत्तेफाक कहें या फिर कुदरत का करिश्मा ? घायल गाय वहां मौजूद पुलिसकर्मियों के पास आकर खड़ी हो गई और चीख़ने लगी। ​उसके चोट और खून देख वहां हर कोई दंग रह गया। पुलिसकर्मियों ने तत्काल पशु चिकित्सक को बुलवाया और घायल गाय का इलाज कराया।

बीते शाम इंजीनियरिंग कॉलेज पुलिस चौकी के कर्मी शाम के गश्त पर निकलने की तैयारी कर रहे थे। चौकी प्रभारी पुरुषोत्तम आनंद सिंह जैसे ही अपने चेंबर से बाहर आए तो देखा की उनके गेट पर एक गाय धक्का देकर चीख़ रही है। उसके कंधे पर गहरे चोट हैं और काफी खून निकल रहा है। पहले तो उन्होंने सोचा कि शायद किसी ने रंजिश में किसी की गाय को मारकर घायल कर दिया और वह पुलिस के पास शिकायत लेकर आया है। जानकारी करने पर पता चला कि गाय को किसी ने नहीं लाया बल्कि वह खुद उनके चेंबर के गेट तक पहुंची थी।

चौकी इंचार्ज ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए पहले तो तत्काल पशु चिकित्सक को बुलवाया और घायल गाय का इलाज कराया। बेजुबान के शरीर पर गहरे जख्म होने की वजह से उसे 13 टॉकें लगाए गए। डॉक्टर ने गाय के ठीक होने तक उसे छुट्टा छोड़ने की बजाय उसकी देखभाल की सलाह दी। ऐसे में अब पुलिसकर्मी कुछ देर के लिए सकते में आ गए। पहले तो चौकी प्रभारी ने कई गोशाला संचालकों से संपर्क किया, लेकिन जब कोई उसे रखने को तैयार नहीं हुआ तो उन्होंने चौकी में ही फिलहाल उसे रखवा दिया। हालांकि गाय को चोट कैसे लगी, यह पता नहीं चल सका।

इतना ही नहीं, चौकी इंचार्ज पुरुषोत्तम आनंद सिंह ने खुद चौकी के पीछे खाली जगह पर उसे बांधकर रखा, साथ ही बारिश व धूप से बचने के लिए उपर प्लास्टिक डालने के लिए कर्मियों को निर्देश दिया। पुरुतोषत्तम आनंद सिंह ने बताया कि सनातन धर्म में गाय को मां का दर्जा प्राप्त है। ऐसे में जब हम अपने घरों में अपने बुजुर्ग माता पिता की सेवा कर सकते हैं तो फिर गाय की क्यों नहीं। उन्होंने बताया कि गाय के पूरी तरह स्वस्थ होने तक उसकी जिम्मेदारी मैनें खुद उठाई है। ठीक होने के बाद उसे किसी गोशाला संचालक को सुपुर्द कर दिया जाएगा। शायद किसी गाड़ी से टक्कर में उसे चोट आई है या फिर किसी शरारती ने उसे मारकर घायल कर दिया है।

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