फोरलेन की भेंट चढ़ेंगे 1000 से अधिक मकान-दुकान,कैम्पियरगंज में सर्वाधिक टूटेंगे निर्माण

शरद गुप्ता

गोरखपुर : कौआबाग-बरगदवा और जंगल कौड़िया-सोनौली फोरलेन की जद में आने वाले मकान-दुकान को जल्द ही तोड़ा जाएगा। इसे लेकर विभाग ने नोटिस देने के साथ ही चिन्हांकन भी कर दिया है। लेकिन लोग खुद अतिक्रमण हटाने के बजाए विभागीय कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। कैम्पियरगंज में सर्वाधिक मकान-दुकान अतिक्रमण की जद में आए हैं। कौआबाग से लेकर बरगदवा के बीच में पीडब्ल्यूडी को जितनी जमीन चाहिए उसके लिए किसी प्रकार का अधिग्रहण नहीं करना है। ऐसे में 300 से अधिक छोटे-बड़े अतिक्रमण कार्रवाई की जद में हैं।

जेल के पास एक मकान करीब 6 मीटर अतिक्रमण कर बना है। वहीं एक नर्सिंग होम के दीवार पर भी विभाग द्वारा लाल क्रास का निशान लगा दिया गया है। कौआबाग से पादरी बाजार के बीच विभाग ने 50 से अतिक्रमण तोड़ भी दिया है। जहां विवाद की संभावना है, वहां जल्द ही पुलिस फोर्स की मौजूदगी में कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि अतिक्रमण हटाने पर जो खर्च आएगा उसे भी भवन मालिक से वसूला जाएगा। नकहा क्रासिंग से लेकर बरगदवा चौराहे तक कई मकान और दुकान कार्रवाई की जद में हैं।

जंगल कौड़िया से लेकर सोनौली तक फोरलेन को लेकर काम तेजी से चल रहा है। इसे लेकर अतिक्रमण चिन्हीकरण के साथ सर्वे का काम तेजी से चल रहा है। कैम्पियरगंज में बाइपास की मांग पूरी नहीं होने से कई मकान और दुकान अतिक्रमण की जद में आ गए हैं। सर्वाधिक लाल निशान कैम्पियरगंज कस्बे में लगे हैं। कैम्पियरगंज में तमाम लोगों ने जिला पंचायत की जमीन पर कब्जा कर लिया है। इसमें मकान और दुकान दोनों बने हैं। इनपर कार्रवाई होना तय है। एनएचएआई ने कैम्पियरगंज में जमीन अधिग्रहण के लिए कोई नोटिफिकेशन नहीं निकाला है। ऐसे में समझा जा रहा है कि उसे जितनी जमीन चाहिए उसपर कब्जा है। इसी तरह रमचौरा, महावनखोर में भी जल्द अतिक्रमण का चिन्हींकरण होना है। एनएचएआई के परियोजना प्रबंधक सीएम द्विवेदी का कहना है कि सर्वे कर अतिक्रमण को चिन्हित किया जा रहा है। जहां अधिग्रहण होना है, वहां का नोटिफिकेशन हो गया है।

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