एमएसएई सेक्टर के ऋण लक्ष्य को संशोधित कर 76 हजार करोड़ रुपये किया गया

एमएसएमई सेक्टर को 61759 करोड़ रुपये का ऋण मुहैया कराया गया

लखनऊ : कोरोना महामारी के दौरान ‘सबका साथ, सबका विकास’ की नीति पर अमल करते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सूबे की सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम (एमएसएमई) इकाइयों को ऋण (लोन) देकर बड़ा लक्ष्य साधा है। कुल मिलाकर आपदा में अवसर को तलाश करते हुए सूबे की सरकार ने एमएसएमई इकाइयों को बीते साल अप्रैल से 31 दिसंबर तक 61759 करोड़ रुपये का ऋण मुहैया कराया। एमएसएमई इकाइयों को ऋण दिलाने के लक्ष्य को सौ फीसदी हासिल करते हुए अब एमएसएई सेक्टर के वर्तमान वित्तीय वर्ष के लक्ष्य को संशोधित करते हुए 76 हजार करोड़ कर दिया गया है।

राज्य के अपर मुख्य सचिव एमएसएमई डा. नवनीत सहगल के अनुसार मात्र नौ माह में एमएसएमई इकाइयों को ऋण मुहैया कराना एक बड़ी उपलब्धि है। उत्तरप्रदेश में एमएसएमई की लगभग नौ लाख 50 हजार इकाइयां पंजीकृत हैं। गैर पंजीकृत एमएमएसई इकाइयों की संख्या इससे कई गुना अधिक हैं। उत्तर प्रदेश में उद्योग की रीढ़ एमएसएमई इकाइयां ही हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान यहां की एमएसएमई इकाइयों ने बहुत ही कम समय में आवश्यक वस्तुओं-पीपीई किट, मास्क, सैनेटाइजर आदि को निर्मित कर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाकर मिशाल पेश की। इन इकाइयों के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है।

एमएसएमई इकाइयों के महत्व को समझते हुए ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड-19 महामारी के दौरान एमएसएमई इकाइयों पर ध्यान दिया और इन इकाइयों को कार्य करने के लिए ऋण मुहैया कराने पर ध्यान दिया। जिसके चलते बैंकों को इन इकाइयों को ऋण देने के लिए कहा गया। अप्रैल से 31 दिसंबर तक 61759 करोड़ रुपये का ऋण एमएसएमई इकाइयों को मुहैया करा दिया गया। राज्य स्तरीय बैंकिंग समिति (एसएलबीसी) की बैठक में एमएसएमई इकाइयों को मुहैया कराए गए आंकड़ों से इसकी पुष्टि हुई।

एक करोड़ लोगों रोजगार देने का लक्ष्य

डा. नवनीत सहगल के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के अंत तक एमएसएमई इकाइयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्हें आसानी से ऋण प्राप्त हो सके, इसका प्रबंध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान वित्तीय वर्ष के अंत तक एमएसएमई इकाइयों के माध्यम से एक करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मुहैया कराने का प्रयास है। यूपी में देश की 14 प्रतिशत एमएसएमई इकाइयां हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ एमएसएमई इकाइयों को औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार सृजन के मामले में राज्य की अर्थव्यवस्था के विकास इंजन के रूप में पेश कर रहे हैं।

केंद्रीय बजट में भी इस बात की पुष्टि की गई है जब सेक्टर ने प्रस्तावों में और बढ़ोतरी की है। योगी सरकार ने एमएसएमई क्षेत्र पर पूरा जोर दिया हुआ है। ओडीओपी का एक घटक पहले से ही एक सफल कहानी रही है। इस संबंध में, राज्य सरकार ने हाल ही में ‘उद्योग सारथी’ ऐप लॉन्च किया है जिसने उद्यमियों को स्वयं के बारे में सभी जानकारी प्रदान करने के लिए एक मंच प्रदान किया है। इस ऐप के जरिये एमएसएमई इकाइयों को बढ़ावा दिया जायेगा।

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