महाराजा सुहेलदेव पासी, पासी समाज के प्रेरणा स्रोत: पासी समाज

पासी समाज ने सांसद कमलेश पासवान का किया आभार

गोरखपुर। बहराइच में महाराजा सुहेलदेव स्मारक के शिलान्यास में सम्पूर्ण नाम पासी समाज के श्रद्धेय महाराजा “सुहेलदेव पासी” शब्द स्मारक में नहीं जोड़ने से पासी समाज ने विरोध प्रकट किया। पासी समाज एकता मंच उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में अखिल भारतीय पासी समाज महासंघ के जिलाध्यक्ष रामअवध पासवान और अखिल भारतीय एकिकृत पासी महासभा के जिलाध्यक्ष भोलानाथ पासवान ने संयुक्त रूप से एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा कि 16 फरवरी 2021 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा विडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से महाराजा सुहेलदेव के स्मारक का शिलान्यास किया गया। जबकि पासी समाज के श्रद्घेय महाराजा सुहेलदेव पासी शब्द जोड़कर नही किया गया है। इसका सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश में सबसे पहले मांग बांसगांव के सांसद कमलेश पासवान ने किया है इसके लिये सम्पूर्ण पासी समाज इनके प्रति आभार व्यक्त करता है। महाराजा सुहेलदेव पासी समाज के प्रेरणा स्रोत है। इतिहास इस बात का साक्षी है कि 1. एनसीआरटी द्वारा प्रकाशित कक्षा 11 की पाठ्य पुस्तक मध्य कालीन भारत पेज नंबर 28 पर महाराजा सुहेलदेव पासी बताया गया है। 2. भारत की जनगणना 1971 Registrar, General, India Ministry of home affairs New Delhi द्वारा प्रकाशित पेज नंबर 7 पर बहराइच के राजा सुहेलदेव पासी थे। 3. UPPCS.2002 में पुछे गए प्रश्न संख्या 1 की व्याख्या में राजा सुहेलदेव को पासी बताया गया है। Sanjeev sanyal the ocean how the Indian Ocean shaved human history, किताब में बताया है कि Alliance led by राजा सुहेलदेव Defeated a large Turkic Army led by Mohammed nephew at the battle of Bahraich in 1033.4. गुजश्त लखनऊ के लेखक अब्दुल हमीम शरर हिंदी संस्करण 1971 के पेज नंबर 28 पर पासियों का मुकाबला सैयद सलार मसुद गजी से हुआ। 5. राष्ट्र गौरव सम्राट हेमचंद्र विक्रमादित्य नामक किताब से लेखक मेजर डा परशुराम गुप्ता के परिशिष्ट 2 राष्ट्र रक्षक राजा सुहेलदेव की व्याख्या करते हुए महाराजा सुहेलदेव को पासी बताया है। 6.किताब हिन्दू समाज के गौरव पासी वीर महाराजा सुहेलदेव की शौर्य तथा लेखक त्रिलोकी नाथ कोल।7. अयोध्या छः दिसंबर का सत्य डीबी राय पेज नंबर 16 पर राजा सुहेलदेव पासी का वर्णन मिलता है। इसी प्रकार से अनेक प्रकार के साक्ष्य मिलते हैं जिससे सिद्ध होता है कि महाराजा सुहेलदेव पासी समाज के थे। ये सभी बाते पासी समाज के विभिन्न विभिन्न संगठनों के जिलाध्यक्ष रामअवध पासवान व भोलानाथ पासवान ने संयुक्त रूप से कहा और कहा कि समस्त पासी समाज सुहेलदेव स्मारक के नामकरण में सम्पूर्ण नाम ” “महाराजा सुहेलदेव पासी” रखने की मांग करता है। इनके साथ पासी समाज के विभिन्न विभिन्न संगठनो के सदस्य रामकरन पासी, रामसेवक पासी,सत्यनारायण पासवान, बाबूलाल पासी,मोनू पासवान, अभिषेक पासवान, सच्चििदानं पासवान, राजेेश मिस्त्री, रवीन्द्र कुमार, विरेन्द्र पासवान सहित दर्जनों लोग लोग व गणमान्य उपस्थित थे।

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