तटवर्ती इलाकों में बाढ़ से डूब सकते हैं सैकड़ों गांव

  • शरद गुप्ता

गोरखपुर : बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन व आपदा सतर्क बाढ़ चौकियों को किया गया सतर्क। जिले में घाघरा और रोहिन के बाद राप्ती नदी भी खतरे के निशान से ऊपर हो गई है। तटवर्ती इलाकों में तेजी से बढ़ते नदियों के जलस्तर में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। 12 गांव जहां बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं, सदर तहसील के 3 गांव का रास्ता बाढ़ के पानी से हुआ प्रभावित वहीं शहर के आसपास के तटवर्ती इलाके में भी बाढ़ जैसे हालात हैं। नदियों के किनारे बसे लोगों की झुग्गी झोपड़ी अभी पानी में डूब गई है। गोरखपुर के राजघाट पर भी राप्ती खतरनाक स्तर पर है।

गोरखपुर घाघरा और रोहिणी नदी पहले से ही खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। राप्ती नदी 16 अगस्त की शाम 4 बजे खतरे का निशान पार कर गई है। ऐसे में कैंपियरगंज और सहजनवां तहसील के 6-6 गांव बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं। सदर तहसील के तीन गांव में बाढ़ की पानी से रास्ता अवरुद्ध है। हालांकि इन 13 गांव में बाढ़ का पानी तो नहीं घुसा है, लेकिन खेतों में पानी घुसने के कारण फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। वहीं संपर्क मार्ग भी पूरी तरह से डूब गया है।

ग्रामीणों की मदद के लिए 7 छोटी-बड़ी नाव को लगाया गया है। और भी नाव भेजी जा रही हैं एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की टीम को भी अलर्ट कर दिया गया है। इसके साथ ही सभी बाढ़ चौकियों को भी अलर्ट पर रखा गया है। राप्ती नदी बर्डघाट पर खतरा बिंदु 74.98 मीटर से 0.04 आरएल मीटर ऊपर 75.020 आरएल मीटर पर बह रही है। राप्ती तेजी से बढ़त पर है। रोहिन नदी त्रिमुहानी घाट पर खतरा बिंदु 82.44 आरएल मीटर से 1.11 आरएल मीटर के अंतर 83.550 मीटर बह रही है। कुआनो मुखलिसपुर में खतरा बिंदु 78.65 आरएल मीटर से 1.42 आरएल मीटर नीचे 77.230 मीटर पर बह रही है।

घाघरा नदी अयोध्या पुल पर खतरा बिंदु 92.73 मीटर से 0.07 आरएल मीटर अंतर 92.800 पर बह रही है। घाघरा नदी तुर्तीपार में खतरा बिंदु 64.01 मीटर से 0.02 आरएल मीटर के अंतर के साथ 64.210 पर बह रही है। गोर्रा नदी पिण्डारा में खतरा बिंदु 70.50 से 0.05 आरएल मीटर के अंतर 70.000 मीटर पर बह रही है। मीरपुर निवासी रुदल यादव ने बताया कि एक तरफ राप्ती नदी का दबाव दूसरी तरफ रोहिणी नदी का दबाव बनता जा रहा है हम लोगों का काम दोनों नदियों के बीच में है अभी हम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन नदी बढ़ने से पशुओं को दिक्कत हो रहा है राप्ती नदी खतरे के निशान को पार कर गई है।

जंगल कौड़िया ब्लाक अंतर्गत भौरामल सिरसिया अतरौलिया बाढ़ का पानी बढ़ने से संपर्क मार्ग से आवागमन अवरुद्ध हो गया हैं वे लोग राजघाट के किनारे ही झुग्गी-झोपड़ी में रहते हैं। पानी बढ़ने की वजह से उन लोगों का झुग्गी-झोपड़ी डूब गया है। उन लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आसपास के एरिया में पानी भर गया है। राप्ती नदी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में बाढ़ का खतरा भी बढ़ता जा रहा है।

जिला आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता ने बताया कि कैम्पियरगंज के 6 गांव बरगदही, मछलीगांव, भौराबारी, चंदीपुर, बुढ़ेली, अलगटपुर रोहिन नदी से प्रभावित हैं। सहजनवां तहसील के छह गांव चकचोहरा, विडार, बनौड़ा, भुवाशहीद, गहीरा, सुथनी आमी और राप्‍ती नदी से प्रभावित हैं। सदर तहसील के भौरामल सिरसिया अतरौलिया का संपर्क मार्ग अवरुद्ध हुआ है 7 छोटी-बड़ी नाव को राहत के लिए लगाया गया है और नाव भेजा जा रहा । प्रभावित गांव में राशन किट का वितरण किया गया है।

एनडीआरएफ एसटीआरएफ की टीम को अलर्ट कर दिया गया इसके साथ ही सभी 84 बाढ़ चौकियों को भी चौकन्ना किया गया है।
उन्होंने बताया कि किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन और आपदा विभाग पूरी तरह से तैयार है। 24 घंटे निगरानी के लिए कोविड-19 के साथ ही बाढ़ हेल्पडेस्क को भी एक्टिव कर दिया गया है। वर्तमान में कहीं भी खतरे की सूचना नहीं है। 12 प्रभावित गांवों में 7 छोटी-बड़ी नाव लगाई गई है। 12 गांव में संपर्क मार्ग और खेतों में पानी आने की वजह से नाव लगाई गई है। हालांकि अभी किसी भी गांव में पानी नहीं घुसा है।

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