सखी सेंटर से मिल रही पीड़ित महिलाओं को मदद,कोरोना काल में प्रदेश की 16,629 म‍हिलाओं को मिली मदद

एक ही छत के नीचे पीड़ित महिलाओं को दी जा रही निशुल्‍क विधिक सहायता ,प्रत्‍येक जनपद में वन स्‍टॉप सेंटर हो रहे संचालित .

लखनऊ । मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के वृहद अभियान मिशन शक्ति से एक ओर महिलाओं को अधिकारों और सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक किया जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर प्रदेश के सभी जपनदों में संचालित वन स्‍टॉप सेंटर के जरिए पीड़ित महिलाओं को सीधे तौर पर मदद मुहैया कराई जा रही है। इसके तहत पीड़ित महिलाओं को सशक्‍त व उनकी मदद करने के उद्देश्‍य से उनको पांच दिन का अल्प प्रवास, चिकित्सकीय सहायता, परामर्शी सेवाएं देने के साथ ही उनको विधिक और पुलिस सहायता भी निशुल्‍क दी जा रही है।

पीड़ित महिलाओं को मिल रही निशुल्‍क कानूनी सहायता

मिशन शक्ति मुहिम को बढ़ावा देते हुए महिलाओं को हेल्‍पलाइन नंबर समेत निशुल्‍क तौर पर कानूनी सहायता दिलाई जा रही है जिससे महिलाओं के टूटे मनोबल को बल मिल रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के इम्पैनल्ड अधिवक्ताओं के जरिए इन महिलाओं को न्याय दिलाया जा रहा है। महिला कल्याण विभाग के निदेशक मनोज कुमार राय ने बताया कि हिंसा से पीड़ित महिलाओं को आवश्यक सेवाएं प्रदान किए जाने के लिए वन स्‍टॉप सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। जिसमें इन पीड़ित महिलाओं की प्रशासकीय कार्यों में मदद के लिए सखी सेंटर में मैनेजर, मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता, पैरामेडिकल नर्स, कप्यूटर ऑपरेटर और केसवर्कर कार्य कर रहें हैं। उन्‍होंने बताया कि इसके साथ ही इमरजेंसीं रिस्पांस और रेस्क्यू सेवाएं भी दी जा रही हैं। इस सेंटर के जरिए दूसरे विभागों से संपर्क कर उनकी सहायता से महिलाओं की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाती है।

प्रदेश में 16,629 म‍हिलाओं को मिली मदद

प्रदेश भर में वन स्‍टॉप सेंटर (सखी सेंटर) द्वारा साल 2020 में प्रदेश भर से कुल 16,629 महिलाओं और बेटियों के मामले सामने आए जिन्‍होंने बेहिचक होकर अपनी समस्‍या को सेंटर के साथ साझा किया। जिसमें सेंटर द्वारा इन सभी महिलाओं व बेटियों के मामलों पर सुनवाई व कार्रवाई करते हुए उनको सीधे तौर पर मदद मुहैया कराई जा चुकी है। मनोज कुमार ने बताया कि कोरोना काल जैसी कठिन परिस्थितियों में भी वन स्‍टॉप सेंटर के कर्मचारियों ने अपनी सेवाओं को प्रभावित होने नहीं दिया। इन कोरोना वॉरियर्स ने कठिन समय में भी पीड़ित महिलाओं की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए उनको बिना देरी न्‍याय दिलाने में सहायता की।

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