समय रहते सही इलाज से कोरेना को हरा सकते : डॉ निरंजन

शरद गुप्ता

पीपीगंज,गोरखपुर । आज करोना के बारे में बात करते हैं कोरेना जैसे वैश्विक महामारी में अनुभवी डॉक्टर निरंजन अग्रहरी जो पीपीगंज के भाजपा के वरिष्ठ नेता जगदम्बा अग्रहरी के पुत्र है जो इस समय कोल्हुई महाराजगंज में पोस्टेड हैं । अपने 15 दिन से लगातार कोरेना मरीजो की सेवा के अपने अनुभव के आधार पर बताया का मृत्यु दर कम है परंतु यह घातक है जानलेवा है कारण यह है कि कोरोना वायरस रक्त में जाकर खून को गाढ़ा करता है जिससे कि फेफड़े में और हृदय में और विभिन्न अंग में रक्त के संचार मे बाधा पड़ता है और ह्रदय हृदय गति रुकने हृदय आघात फेफड़े में इन्फेक्शन की वजह से अचानक मृत्यु हो रही है एक अनुभव के आधार पर उन्होंने बताया कि खून पतला करने वाले दवा जैसे कि एस्पिरिन या लो मॉलिक्यूल हीपैरइन के इस्तेमाल से काफी हद तक मृत्यु दर को रोका जा सकता है ।

डॉ निरंजन लगभग 1000 से ऊपर कोविड-19 वैक्सीनेशन करवा चुके हैं व कोरोनावायरस ओं का आईसीयू में 15 दिन तक इलाज कर चुके हैं । उन्होंने बताया कि बहुत सारी मरीजों में सांस फूलना खांसी बुखार और सांस लेने में तकलीफ हो सकता है लेकिन यह पहले के कोरोनावायरस से डिफरेंट है कुछ अलग है इस बार सेंटम बदले हुए हैं और जांच में भी बहुत कम आ रहे हैं चेक करने पर नेगेटिव भी आ रहे हैं यानी कि इस बार थोड़ा समझने की जरूरत है एक बार सिस्टम में स्वसन तंत्र के अलावा पाचन तंत्र भी शामिल है जिसमें जरा सी भी लापरवाही घातक भी हो सकती है अतः लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं जांच कराएं और डॉक्टर द्वारा दिए गए राय का समुचित पालन करें । डॉ निरंजन ने बताया कि ज्यादातर कोरेना में मृत्यु का कारण खून का थक्का बनना या हार्ड अटैक सुना पाया गया जिससे खून पतला करने वाली दवा का इस्तेमाल करने से हृदय से हृदय में गंभीर बीमारी जैसे हार्ट अटैक और खून का थक्का बनकर किसी अन्य अंग को प्रभावित करने का वजह कम हो जाता है और हृदयाघात जैसे बीमारियों पर कुछ हद तक नियंत्रण किया जा सकता है ।

उन्होंने बताया कि आजकल खून पतला करने का दवा कोरोना से महामारी में बहुत ही उपयोगी पाया गया है अतः डॉक्टर की सलाह लेकर खून पतला करने की दवा अतिशीघ्र शुरू करने से काफी हद तक हृदयाघात और हृदय जैसी बीमारियों पर कुछ हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है ।डॉ निरंजन ने बताया कि इस बीमारी में हल्की-फुल्की सर्दी जुकाम से लेकर सीवियर एक्यूट रेस्पिरेट्री सिंड्रोम जैसी गंभीर बीमारी जानलेवा हो जाती हैं जिसका समय से इलाज न करने पर प्राणघातक भी हो सकती हैं वह समय रहते लक्षणों को समझते हुए अच्छे ढंग से किसी डॉक्टर के संपर्क में आकर उसको दिखाएं और उचित उचित सलाह लेकर इलाज करें । उन्होंने कहा कि लक्षण दिखते हैं कोविड-19 के एंटीजन rt-pcr जांच कराएं और डॉक्टर के सलाह के बाद एचआरसीटी थोरेक्स अगर आवश्यकता हो तो कराएं और इस जानलेवा घातक वायरस से बचें और सबसे बड़ी बात बहुत लोग कोरोना वैक्सीन नेशन के बाद भी इनफेक्टेड हुए हैं वजह एक ही है कि सावधानियों का ख्याल रखना अगर आपने वैक्सीनेशन करवाया है उसके बावजूद आपको डिस्टेंस मेंटेन रखना मास्क लगाना जरूरी है कि जब तक शरीर में एंटीबॉडी नहीं बन जाएगी क्योंकि एक निर्धारित समय के बाद ही बन पाता है उसके बाद ही आपका शरीर प्रतिरोधक क्षमता कोविड-19 के विरुद्ध कर पाता है इसीलिए जब तक आपके शरीर में एंटीबॉडी नहीं बन जाती तब तक मास्क बिल्कुल लगाएं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और उसके बावजूद भी हमेशा ही सब पालन करें ।

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