कंट्रोल में कोरोना-दो माह में रोज के संक्रमण में 95 फीसद की कमी

24 अप्रैल को 38055 की रिकॉर्ड संख्या घटकर 1908 पर आई। दो माह में पहली बार दो हजार से नीचे आई यह संख्या। सक्रिय मामलों में 86 फीसद की कमी। 310786 से 41214 पर आई सक्रिय केसेज की संख्या।

गिरीश पांडेय

उत्तर प्रदेश में कोरोना लगभग कंट्रोल में है। आंकड़े इसकी तस्दीक करते हैं पिछले 24 घंटे के दौरान कोरोना के संक्रमण के नए मामले घटकर 1908 पर आ गए। दो माह में पहली बार यह संख्या 2000 के नीचे आई है। 24 अप्रैल को यह संख्या सर्वाधिक 38055 थी। मसलन पीक से रोजाना के संक्रमण में करीब 95 फीसद की कमी आ चुकी है।

इसी तरह सक्रिय केसेज की संख्या सिमटकर 41214 पर आ गई। 29 मई को यह संख्या 46201 थी। 30 अप्रैल को यह 310783 के रिकॉर्ड स्तर पर थी। इसकी तुलना में यह 87 फीसद घटी है। रिकवरी रेट लगातार सुधरते हुए 96.40 फीसद पर पहुंच गई। कल यह 96.10 फीसद थी। यह कई राज्यों और देश के रिकवरी दर से बेहतर है। पॉजिटिविटी रेट भी लगातार सुधरते हुए .8 फीसद पर आ गई। रही मौतों की बात तो 4 मई को एक दिन में सर्वाधिक 372 मौतें हुई थी, उसके बाद से अपवाद के कुछ दिनों को छोड़ दें तो यह संख्या लगातार घटी है। 28 मई को यह घटकर 159 पर आ गई। 29 मई को यह 157 रही। 20 मई के बाद से यह लगातार 200 के नीचे बनी हुई है।

प्रदेश में अब सिर्फ 27 जिले ऐसे हैं जहां संक्रमण के मामले 500 से ऊपर हैं। 10 जिलों में यह संख्या 100 से ऊपर है।

यह सब यूं ही नहीं हो गया। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम 11 की जगह टीम 9 के नाम से नई टीम गठित की। कोरोना के लिहाज से महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों (ऑक्सीजन की उपलब्धता, हॉस्पिटल्स में बेड और दवाओं की उपलब्धता)को विकेंद्रित करते हुए टीम के लोगों को जवाबदेह बनाया। प्रभारी मंत्रियों को उनके प्रभार वाले जिलों में भेजा। हर जिले की निगरानी की वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाकर वहां भेजा गया। खुद की सेहत की चिंता किए बगैर इन सारी व्यस्थाओ का भौतिक सत्यापन करने मुख्यमंत्री एक कप्तान की तरह पिछले कई दिनों से ग्राउंड जीरो पर हैं।  इन समन्वित प्रयासों का नतीजा भी सबके सामने। इन नतीजों के नाते ही आज देश दुनिया विश्व स्वास्थ्य संगठन, नीति आयोग, मुंबई और इलाहाबाद योगी के कोविड प्रबंधन की तारीफ कर रही है।

मालूम हो कि मध्य अप्रैल से मई के पहले हफ्ते के दौरान जब कोरोना के संक्रमण की दूसरी लहर चरम पर थी तो हर कोई कोरोना से डरा था। मीडिया के हर प्लेटफार्म पर सिर्फ कोरोना से जुड़ी खबरें ही सुर्खियां बनती थीं। उसी दौरान एक दिन के संक्रमण, सक्रिय रोगियों की संख्या और एक दिन में सर्वाधिक मौतों का भी रिकॉर्ड बना, पर योगी सरकार ने पहले चरण की तुलना में 30 से 50 फीसद संक्रामक दूसरे दौर का डटकर मुकाबला किया। आज दो महीने से कम समय में कोरोना के हर फ्रंट से अच्छी खबरें हैं। इन्ही वजहों से अब लोगों में कोरोना को लेकर भय नहीं है। अलबत्ता लोग सतर्क जरूर है। सरकार की मंशा भी यही है। वह लगातार संदेश दे रही है कि कोरोना को लेकर डरें नहीं, सतर्क जरूर रहें और रक्षा कवच के रूप में टीका जरूर लगवाएं। रही बात सरकार की तो वह अपनी पूरी ताकत और संसाधनों के साथ इस जंग में आपके साथ है। इस मुकम्मल यकीन के साथ कि सबके सहयोग से हम इस जंग को जीत लेंगे और वह भी बहुत जल्दी।

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