दवा विक्रेता समिति की अपील – दवा विक्रेताओं को अपडेट रहकर समयानुसार व्यापार करने की जरूरत

शरद गुप्ता

गोरखपुर। गोलघर के होटल में दवा विक्रेता समिति के पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्यों की एक बैठक संपन्न हुई! बैठक को संबोधित करते हुए दवा विक्रेता समिति के अध्यक्ष योगेंद्र नाथ दूबे व महामंत्री आलोक चौरसिया ने कहा कि दवा व्यापार में ऑनलाइन कंपनियों के बढ़ते प्रभाव और उसके दुष्परिणाम को देखते हुए हमारी संस्था दवा विक्रेता समिति दवाइयों की ऑनलाइन बिक्री का पुरजोर विरोध करेगी जिसमें हमारी अखिल भारतीय संस्था एआईओसीडी और प्रांतीय संस्था ओसीडी यूपी ने कई अदालतों में अपने पक्ष रखे हैं किंतु सरकार की कुछ नीतियों के कारण अभी उस पर रोक लगाना संभव नहीं हो पा रहा है हम अपने दवा विक्रेताओं से भी अपील कर रहे हैं कि दवा विक्रेताओं को भी बदलते व्यापारिक माहौल में स्वयं को अपडेट व आधुनिक व्यापार शैली अपनाना होगा संगठित रहकर आधुनिक तौर-तरीके से व्यवसाय को आगे बढ़ाएं एनआरएक्स कोई दवा बिना डॉक्टर के पर्चे के बिक्री ना करें दवा व्यवसाय जीविकोपार्जन के साधन के साथ-साथ एक सामाजिक सेवा भी है इस बात का भी हमें विशेष ध्यान रखना चाहिए, कोरोना के संक्रमण काल में दवा विक्रेताओं द्वारा किए गए सेवा और मदद के लिए दवा विक्रेता समिति अपने सभी दवा विक्रेताओं का दिल से अभिनंदन करती है उन्हें धन्यवाद देती है दवा विक्रेता समिति अपने सभी दवा व्यापारियों की हर संभव सहयोग और मदद करेगी! इस अवसर पर पी0 एन0 श्रीवास्तव अध्यक्ष दवा विक्रेता संघ पीपीगंज व अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों ने भी अपने विचार योग सुझाव रखे,

1- दवा विक्रेता समिति के सदस्यों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है इसलिए आने वाले समय में संगठन को मजबूती प्रदान करने के लिए संगठन के विचारों में आस्था रखने वाले तथा दवा व्यापारियों के हित में कार्य करने वाले पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों को जोड़कर संगठन का विस्तार किया जाएगा!*
2- जो भी दवा विक्रेता किसी कारणवश दवा विक्रेता समिति का सदस्य नहीं बन पाया है सदस्यता अभियान चलाकर सभी दवा विक्रेताओं को दवा विक्रेता समिति का सदस्य बनाया जाएगा।

3- दवा व्यापार में दवा कंपनियों से संबंधित जो भी परेशानियां आ रही हैं उसके लिए एक “शिकायत प्रकोष्ठ” स्थापित किया जाएगा है जिसमें दवा विक्रेताओं की समस्याओं के निस्तारण हेतु। 6 -सदस्यों की टीम बनाई जाएगी “शिकायत सेल” कि वह टीम दवा कंपनियां उसके प्रतिनिधियों से वार्ता कर दवा व्यापारियों के समस्याओं का निस्तारण कराएगी!

4- बहुत सी दवा व्यापारियों के उधारी/ बकाया रुपए मिलने में बहुत दिक्कत हो रही है ऐसे व्यापारियों को चिन्हित कर उनकी सभी डिटेल लेकर पहले उनसे वार्ता की जाएगी जो भी व्यापारी डिफाल्टर निकलेगा या पेमेंट देने में आनाकानी करेगा उसका नाम दवा विक्रेता समिति के व्हाट्सएप ग्रुप पर या संगठन के डिस्प्ले बोर्ड पर प्रकाशित किया जाएगा जिससे कि और व्यापारी इनके झांसे में आकर ठगा नहीं जाएगा और कानूनी रूप से जो प्रक्रिया होगी इनके लिए अपनाया जाएगा।

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