योगी सरकार देगी युवाओं को विदेशों में रोजगार पाने का मौका

कौशल विकास विभाग ने युवाओं को अमेरिका के अन्‍तर्राष्‍ट्रीय डिजिटल लर्निंग प्‍लेटफार्म पर उपलब्‍ध कराया ट्रेनिंग का मौका ,आभा एप से जुड़ कर युवा निखार रहे हैं अपनी स्किल .

लखनऊ । मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ युवाओं को आत्‍मनिर्भर बनाना चाहते हैं। इस बाबत उनके द्वारा शुरू कराए गये प्रयासों के नतीजे दिखने लगे हैं। व्‍यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग प्रदेश के युवाओं को विदेशों में रोजगार हासिल करने के मौके मुहैया कराएगा। कौशल विकास विभाग ने युवाओं के लिए अमेरिका के अन्‍तर्राष्‍ट्रीय डिजिटल लर्निंग प्‍लेटफार्म कोर्सेरा के माध्‍यम से नि:शुल्‍क ट्रेनिंग कार्यक्रम शुरू किया है। इससे प्रदेश के युवा अन्‍तर्राष्‍ट्रीय मानकों पर ट्रेनिंग हासिल कर इंडस्‍ट्री के लायक बन सकेंगे।

व्‍यावसायिक शिक्षा एवं कौश‍ल विकास विभाग के अनुसार अब तक प्रदेश के 50 हजार युवाओं को अमेरिका में स्थित डिजिटल लर्निंग प्‍लेटफार्म कोर्सेरा के जरिए प्रशिक्षण दिलाए जाने की व्‍यवस्‍था की है। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद इन युवाओं को कोर्सेरा की ओर से सार्टिफिकेट भी उपलब्‍ध कराया जाएगा। विभाग के अनुसार ट्रेनिंग के बाद युवाओं को मिलने वाले सार्टिफिकेट की मान्‍यता विश्‍व के कई देशों में है। इससे देश के युवाओं को विदेशों में जाकर नौकरी करने के अवसर प्राप्‍त होंगे।

आभा एप बनाएगी आत्‍मनिर्भर

युवाओं को स्‍वरोजगार से जोड़ कर उनको आत्‍मनिर्भर बनाने की मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की मुहिम प्रदेश में तेजी बढ़ती हुई नजर आ रही है। इस कड़ी में कौशल विकास विभाग की ओर से युवाओं को आत्‍मनिर्भर बनाने के लिए आभा एप को डेवलप किया गया है। इस से जुड़ कर युवा अपनी स्किल को डेवलप कर सकते हैं। एप में कई तरह के स्‍व रोजगार से जुड़े हुए विडियोज भी अपलोड किए गए हैं। जिनसे युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। इसके अलावा मुख्‍यमंत्री अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्‍कीम भी युवाओं को काफी भा रही है। इसमें उद्योगों में अप्रेंटिस के रूप में काम करने वाले युवाओं को एक हजार रुपए प्रतिमाह स्‍टाइपेंड दिया जा रहा है।

श्रमिकों को दे रहे हैं ट्रेनिंग

राज्‍यमंत्री व्‍यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास कपिल देव अग्रवाल के मुताबिक कोविड संक्रमण के दौरान प्रदेश में आए 38 लाख से अधिक श्रमिकों का भी कौशल विकास कार्यक्रम जारी है। इन श्रमिकों की आजीविका का प्रबंध कर उनको पैरों पर खड़ा करने का प्रयास कामयाब हो रहे हैं। श्रमिकों को रिकगनाइजेशन ऑफ प्रि‍रियर लर्निंग आरपीएल के तहत उनको ट्रेनिंग दिए जाने का काम तेजी से चल रहा है।

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