महिलाओं व बेटियों के चौमुखी विकास के लिए संकल्‍पबद्ध है : योगी सरकार

सत्‍ता की बागडोर संभालते ही आधी-आबादी को सशक्‍त बनाने की दिशा में बढ़ाए सरकार ने कदम

लखनऊ। सत्‍ता की बागडोर संभालते ही आधी-आबादी को सशक्‍त बनाने के लिए प्रदेश में स्‍वर्णिम योजनाओं को शुरू किया। प्रदेश में संचालित कन्‍या सुमंगला योजना, मुख्‍यमंत्री सामुहिक विवाह योजना,बीसी सखी योजना, मुखबिर योजना, पति की मृत्‍योपरांत महिला निराश्रित पेंशन योजना, एंटी रोमियो स्‍क्वाड, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, स्‍कूल चलो अभियान समेत अन्‍य कई कल्‍याणकारी योजनाओं से सीधे तौर पर प्रदेश की महिलाएं व बेटियां लाभान्वित हो रहीं हैं। ये बातें शुक्रवार को मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने सरकार के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर कहीं। उन्‍होंने कहा कि मुख्‍यमंत्री सामूहित विवाह योजना से 1 लाख 52 हजार से अधिक सभी वर्गों की गरीब कन्‍याओं का विवाह किया गया। इसके साथ ही हमारी सरकार ने 35 हजार रुपए से बढ़ाकर 51 हजार रुपए कर दी गई। इसके साथ ही गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले अनुसूचित जाति के लोगों की बेटियों के लिए प्रत्येक लाभार्थी को 20 हजार रुपए का अनुदान सरकार दे रही है।

उन्‍होंने कहा कि मुख्‍यमंत्री कन्‍या सुमंगला योजना के तहत अब तक 06 लाख 94 हजार बालिकाएं लाभन्वित हुई। प्रदेश की माताओं बहनों के सम्मान और सुरक्षा को देखते हुए प्रदेश में 2.38 करोड़ शौचालयों (इज्जत घर) का निर्माण किया गया। प्रदेश में 19.40 लाख महिलाओं को रक्षाबंधन पर निशुल्‍क बस यात्रा की सेवा प्रदान की गई उज्जवला योजना के तहत प्रदेश की 1.47 करोड़ महिलाओं को नि:शुल्क गैस का कनेक्शन का दिया गया। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना से राज्य की करीब 24 लाख महिलाएं लाभान्वित हुईं हैं।

प्रदेश की महिलाएं तरक्‍की व विकास में अपनी पहचान बना सकें इसके लिए हमारी सरकार ने कई महत्‍वपूर्ण कदम उठाएं हैं। प्रदेश की महिलाओं को विभिन्‍न योजनाओं के तहत विशेष सुविधाएं व ऋण दिलाने की व्‍यवस्‍था की गई। एमएसएमई ने प्रदेश की महिलाओं को कदमों को रोजगार के पथ पर बढ़ाने का कार्य किया है। ग्रामीण अंचल में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिए स्‍वयं सहायता समूहों का गठन किया गया। प्रदेश में 10 लाख सेल्‍फ हेल्‍प ग्रुप बनाकर 01 करोड़ महिलाओं को जोड़ा जा रहा है।

उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है जहां महिलाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए बीसी सखी की योजना को शुरू किया गया है। शासन-प्रशासन द्वारा महत्वाकांक्षी योजना के तहत समूह की महिलाओं को बैंकिग कारेस्पांडेंट सखी (बीसी सखी) बनाकर रोजगार का एक बेहतर अवसर प्रदान कर रहा है। आर्थिक गतिविधियों में तेजी लाने के लिए और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार की कई इकाइयां प्रदेश में काम कर रहीं। बैंकों की सुविधाओं को गांव-गांव पहुंचाने के उद्देश्य से 58 हजार से अधिक महिलाओं को बैंकिंग कॉरेसपाण्डेट के तौर पर नियुक्ती की जा रही है। आत्‍मनिर्भर उत्‍तर प्रदेश की ओर बढ़ते महिलाओं व बेटियों के कदमों को रफ्तार देने के लिए मुख्‍यमंत्री महिला सामर्थ्‍य योजना और मुख्‍यमंत्री सक्षम सुपोषण योजना को शुरू किया।

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