गोरखपुर के दो ड्रग्स तस्कर गिरफ्तार

जौनपुर में दो दशक बाद 20 लाख की स्मैक की बरामदगी ने खड़ा किया बड़ा सवाल

जौनपुर। जफराबाद पुलिस एवं एसओजी टीम द्वारा करीब 20 लाख मूल्य की स्मैक के साथ दो अन्तर्जनपदीय ड्रग्स तस्करों की गिरफ्तारी ने एक बड़ा सवाल खड़ा किया है। जौनपुर जनपद में करीब दो दशक के बाद ड्रग्स की बरामदगी इस बात का साफ संकेत दे रही है कि जौनपुर में प्रतिबंधित मादक पदार्थों का प्रयोग करने वाले और उनकी बिक्री से जुड़ा नेटवर्क अभी भी मौजूद है। फिर पिछले दो दशक के दौरान इस दिशा में कोई उपलब्धि हासिल ना होना पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। यह बात बेहद महत्वपूर्ण है कि दो दशक पूर्व तक जौनपुर में अनेक बार स्मैक और हेरोइन ‌जैसे मादक पदार्थों के कारोबारी करोड़ों रुपए कीमत के माल समेत पकड़े जाते रहे हैं, यहां तक की हेरोइन परिष्कृत करने के छोटे कारखाने भी प्रकाश में आए। अकेले जौनपुर शहर में करीब डेढ़ सौ से ज्यादा लोग इसके एडिक्ट रहे हैं।
संबंधित खबर के मुताबिक पुलिस अधीक्षक द्वारा अपराध एवं अपराधियों की गिरफ्तारी के तहत चलाये जा रहे अभियान के क्रम में थानाध्यक्ष जफराबाद धर्मवीर सिंह मय हमराह, एसओजी प्रभारी योगेन्द्र यादव एवं सर्विलांस टीम के द्वारा मुखबीर की सूचना पर गुरुवार की शाम नाथूपुर चौराहे के पास से बिना नम्बर की विटारा ब्रिजा कार से भाग रहे इन दो अन्तर्जनपदीय ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया। वाहन चालक की सीट के पीछे से 2 अलग-अलग प्लास्टिक की पन्नियों में भूरे रंग का पदार्थ पाया गया। वाहन चालक ने अपना नाम जितेन्द्र पासवान पुत्र स्व. रंगी पासवान (निवासी मंझनपुर, थाना घोसी, मऊ), और दूसरे ने अपना नाम राकेश यादव पुत्र दयाराम यादव (निवासी रूद्रपुर, थाना खजनी, गोरखपुर) बताया। उनके पास से एक इलेक्ट्रानिक वेईंग मशीन भी बरामद हुई। कड़ाई से पूछने पर उन्होंने बताया कि प्लास्टिक की पन्नियों मे स्मैक है। बरामद इलेक्ट्रानिक वेईंग मशीन से वजन किया गया तो एक पन्नी का वजन 170 ग्राम व दूसरे पन्नी का वजन 85 ग्राम कुल 255 ग्राम आया, जिसकी अन्तरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 20 लाख रूपये है। अभियुक्तगण द्वारा बताया गया कि वे लोग स्मैक, हेरोईन आदि ड्रग्स लेकर अपने चार पहिया वाहन से प्रदेश के जनपदों मे मांग के अनुसार इलेक्ट्रानिक वेईंग मशीन से मापकर चोरी छिपे बेचते हैं। इस सम्बन्ध में अभियुक्तगण के विरूद्व थाना जफराबाद पर मु.अ.सं.-185/2020 धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट पंजीकृत कर उन्हें जेल भेज दिया गया।

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