आयुष्मान मित्र की जिम्मेदारी तय हो, गोल्डन कार्ड से न छूटे कोई जरूरतमंद: योगी

मुख्यमंत्री ने बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष टीकाकरण अभियान का किया शुभारंभ

  • स्वस्थ बचपन से बनेगा सशक्त उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
  • शिशु सुरक्षा के लिए जागरूकता बढ़ाने की मुख्यमंत्री ने की अपील
  • अब बुधवार और शनिवार के अलावा सोमवार को भी होगा टीकाकरण
  • गोल्डन कार्ड से ‘आयुष्मान’ होगा हर पात्र
  • अगले 10 दिनों तक घर-घर टीबी मरीजों को ढूंढेगी सरकार, 29 जिलों के लिए अभियान का शुभारंभ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा को जनांदोलन बनाने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि जब तक बचपन स्वस्थ और सुरक्षित नहीं होगा तब तक सुनहरे उत्तर प्रदेश के सपना साकार नहीं हो सकता। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में शिशु मृत्यु दर में कमी आई है, पर अब भी हमारे लिए यह एक बड़ी चुनौती है। हम इसे राष्ट्रीय औसत से नीचे लाने के लिए हर कोशिश करेंगे। मुख्यमंत्री रविवार को अपने सरकारी आवास पर कोविड संक्रमण काल में छूटे हुए बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के लिए समर्पित विशेष टीकाकरण अभियान, आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत छूटे हुए लाभार्थियों को ‘गोल्डन कार्ड’ वितरण तथा टीबी मरीजों की खोज के विशेष अभियान का शुभारंभ कर रहे थे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

इस मौके पर उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों की हर प्रकार से सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश सरकार समर्पित है। कोविड संक्रमण काल में बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए ज़रूरी टीकाकरण का कार्य रुक गया था। अब अभियान चला कर इसे पूरा किया जाएगा। नवंबर 2020 से जनवरी 2021 तक चलने वाले इस विशेष अभियान में प्रदेश के सभी ग्रामीण ब्लॉक/शहरी क्षेत्रों में लेफ्ट आउट एवं ड्रॉप आउट बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण का कार्य बुधवार एवं शनिवार के साथ अब सोमवार को भी होगा। अभियान के तहत प्रदेश के सभी जिलों में टीकों से छूटे हुए बच्चों को समस्त खुराकों से आच्छादित किया जाना है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

हर जरूरतमंद को मिलेगा ‘आयुष्मान का आशीर्वाद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वस्थ भारत’ की संकल्पना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सबको स्तरीय चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री जी ने ‘आयुष्मान भारत’ जैसी बेहतरीन योजना शुरू की है। इससे छूटे जरूरतमंदों के लिए मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना भी शुरू की गई है। इस योजना के लिए जरूरी ‘गोल्डन कार्ड’ हर जरूरतमंद को जरूर मिले, इसे प्रदेश सरकार सुनिश्चित करेगी। इसी कड़ी में आज आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अन्तर्गत गोल्डन कार्ड विहीन 6,709 गांवों में लाभार्थियों का सत्यापन एवं गोल्डेन कार्ड वितरण कार्य का शुभारंभ किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आयुष्मान मित्र’ की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। उनकी जिम्मेदारी तय की जाए। एक भी घर, जो पात्र हो, गोल्डन कार्ड से वंचित नहीं रहना चाहिए। अभियान के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने अलग-अलग जिलों के पांच लाभार्थियों को आयुष्मान गोल्डन कार्ड दिया। मुख्यमंत्री ने सभी से उनके घर-परिवार की जानकारी लेते हुए पहले कार्ड क्यों नहीं बनने के बारे में भी पूछा। बता दें कि आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजन’ का लाभ एसईसीसी- 2011 की पात्रता सूची में चिन्हित 1.18 करोड़ परिवारों एवं “मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान का लाभ इस पात्रता सूची से वंचित लगभग 8.43 लाख परिवारों को मिल रहा है। दोनों योजनाओं को मिलाकर प्रदेश के 6.32 करोड़ से अधिक व्यक्तियों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं। मरीजों की सहायता के लिए आरोग्य मित्रों की तैनाती की गई है। प्रदेश में अब तक लगभग 98 लाख लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित करते हुए उन्हें गोल्डेन कार्ड उपलब्ध कराए जा चुके हैं, जिनमें से 5.3 लाख लाभार्थी मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के हैं। योजनान्तर्गत प्रदेश में अब तक 4.91 लाख लाभार्थियों ने निःशुल्क इलाज प्राप्त किया है।

घर-घर दस्तक देकर टीबी मरीजों की होगी तलाश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को टीबी मरीजों की खोज के लिए विशेष अभियान की शुरुआत की। इसके तहत प्रदेश के 29 जिलों में 01 से 11 नवम्बर तक सक्रिय केस खोज अभियान चलाया जाएगा। एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान का मुख्य उद्देश्य छुपे हुए सम्भावित टीबी के रोगियों को उनके घरों से खोजना तथा उन्हें टीबी की जाँच और उपचार सेवाओं से जोड़ने का है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा क्षय रोग को वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त करने का संकल्प लिया है। उत्तर प्रदेश इस महत्वपूर्ण कार्य में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देगा। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन के संकल्प को पूरा करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य प्रणाली की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के साथ ही सामाजिक सहभागिता , जनप्रतिनिधियों की भागीदारी, अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यापक स्तर पर काम किया जाएगा। 29 जनपदों में अगले 10 दिनों तक चलने वाले इस एक्टिव केस फाइंडिंग कैम्पेन के अंतर्गत स्वास्थ्य कार्यकर्ता लगभग 81 लाख आबादी में जहां क्षय रोगियों की संभावना ज्यादा है, घर-घर जाकर क्षय रोग के लक्षणों के बारे में बताएंगे, साथ ही, संदिग्ध रोगियों की पहचान कर उनकी निःशुल्क जांच व उपचार प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस काम में जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील भी की। अभियान के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री जी द्वारा जनप्रतिनिधियों की सहभागिता के उद्देश्य के लिए विकसित फैक्ट शीट का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने अभियान की सफलता के लिए मीडिया और सामाजिक कार्यकर्ताओं से सहयोग की अपील भी की।

इन जनपदों में चलेगा सक्रिय क्षय रोग खोज अभियान

अंबेडकर नगर, अमेठी, आजमगढ़, बहराइच, बलिया, बलरामपुर, बांदा, बाराबंकी, बरेली, बस्ती, चित्रकूट, अयोध्या, गोंडा, गोरखपुर, हमीरपुर, जालौन, जौनपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, महोबा, मऊ, पीलीभीत, संत रविदास नगर, शाहजहांपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थ नगर, सोनभद्र, संत कबीर नगर एवं लखनऊ।

बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर में नव निर्मित कल्चर एण्ड डीएसटी लैब का हुआ लोकार्पण:

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर में नवनिर्मित कल्चर एण्ड डीएसटी लैब का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 01 नेशनल रिफरेन्स लेबोरेटरी (एनआरएल), 02 इन्टरमीडिएट रिफरेन्स लेबोरेटरी (आईआरएल), 07 कल्चर एण्ड डीएसटीलैब के माध्यम से मल्टी ड्रग रेजिस्टेन्ट (एमडीआर) क्षय रोगियों का उपचार शुरू किया जा रहा है। इसी क्रम में बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर में नवनिर्मित कल्चर एण्ड डीएसटी लैब का लोकार्पण किया जा रहा है। इससे गोरखपुर एवं बस्ती मंडल के ड्रग रेजिस्टेंट टीवी रोगियों की समय पर जाँच और उपचार सुनिश्चित की जा सकेगी। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने पीडियाट्रिक ड्रग रेजिस्टेन्ट क्षय रोगियों हेतु नई दवा डेलामिनिड आधारित रेजीमिन का शुभारम्भ भी किया। उन्होंने कहा कि ड्रग रेजिस्टेंट टीबी से ग्रसित 06 से 18 वर्ष कम उम्र के मरीजों के अल्पवधि एवं दर्द रहित इलाज हेतु नई औषधि डेलामिनिड का उपयोग उनके स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए बहुत उपयोगी सिद्ध होगी।

इससे पहले प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने टीबी रोग उन्मूलन के लिए शुरू किए जा रहे विशेष अभियान, गोल्डन कार्ड से वंचित 6709 गांवों को आयुष्मान योजना का लाभ देने तथा बच्चों एवं शिशुओं के लिए विशेष टीकाकरण अभियान के बारे में जानकारी दी।

टीके के साथ टॉफी भी:

विशेष टीकाकरण अभियान की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री के सामने जिन बच्चों को टीका लगाया गया, उन्हें मुख्यमंत्री ने दुलार भी किया। मुख्यमंत्री ने तीन अन्य बच्चों को पीडियाट्रिक ड्रग रेजिस्टेन्ट टीबी रोगियों हेतु नई औषधि डेलामिनिड आधारित रेजीमिन का किट भी प्रदान किया। उन्होंने सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए टॉफियां भी दीं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button