पुलिस ने 11 साल के बच्‍चे की बचाई जान

कोचिंग संचालक निकला अपहरण का मास्‍टर माइंड

कुशीनगर : पटहेरवा थाने के सरया बुजुर्ग से अपहृत बच्चे को पुलिस ने 36 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया है। अपहर्ताओं के मास्टर माइंड को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने रातों रात अमीर बनने के चक्कर में बच्चे को अपहरण किया था। पुलिस के दबाव के चलते उसे बच्चे को मुक्त करना पड़ा। उसने बड़ी ही चालाकी से इंटरनेट व व्हाट्सएप के जरिए कॉलिंग कर बच्चे की मां से बीस लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। उसके सहयोगियों की तलाश की जा रही है। डीआईजी व एसपी कुशीनगर विनोद कुमार सिंह ने पुलिस टीम को 50 हजार रुपये का ईनाम देने की घोषणा की है। बीते 30 दिसंबर को थाना पटहेरवा क्षेत्रान्तर्गत ग्राम सरया बुजुर्ग रामकोला चट्टी की निवासिनी सविता देवी पत्नी अजीत वर्मा उर्फ मिंटू ने थाने पर सूचना दी थी कि उनका बेटा आदित्य वर्मा उम्र 07 वर्ष प्रात: 09 बजे ट्यूशन पढ़ने सम्राट एजुकेशन एकेडमी हौदा नरायनपुर में गया था, वहां से घर वापस आते समय रास्ते में 02 अज्ञात बदमाशों ने मोटर साईकिल से अपहरण कर लिया है। पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए थाने पर केस दर्ज कर अपृहत की तलाश शुरु कर दी। इसी बीच अपहर्ताओं द्वारा अपहृत की मां को व्हाट्सएप काल के जरिये फोन कर 20 लाख रूपये फिरौती मांगी गयी थी।

डीआईजी / पुलिस अधीक्षक कुशीनगर ने अपहृत की सकुशल बरामदगी के लिए अपर पुलिस अधीक्षक एपी सिंह के नेतृत्व में क्षेत्राधिकारी तमकुहीराज, प्रभारी निरीक्षक पटहेरवा, स्वाट, सर्विलांस व साईबर सेल की अलग-अलग टीमें लगा दी। जनपद कुशीनगर के सीमावर्ती थानों के बार्डर पर नाकाबन्दी करते हुए सतत सघन चेकिंग शुरू करा दी। पुलिस टीम के संयुक्त प्रयास से शुक्रवार को अपहृत आदित्य को 36 घण्टे के अन्दर वरदान हास्पिटल एनएच 28 थाना क्षेत्र कसया से सकुशल बरामद करने में सफलता प्राप्त की गयी। अपहर्ता उसे छोड़ कर फरार हो गए। पुलिस ने सर्विलांस के जरिए अपहर्ताओं के मास्टर माइन्ड को ट्रेस कर लिया। यह उसी कोचिंग का संचालन निकला, जिसमें बच्चा पढ़ता था। कोचिंग संचालक यशवन्त कुशवाहा पुत्र प्रसाद कुशवाहा निवासी सरया बुजुर्ग टोला रामकोला चट्टी थाना पटहेरवा कुशीनगर को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना की साजिश में शामिल अन्य अपहर्ताओं को चिन्हित करते हुये गिरफ्तारी हेतु पुलिस की कई टीमें लगायी गयी हैं। शीघ्र ही गिरफ्तारी की जायेगी। मुख्य अपहर्ता यशवंत के बारे में पुलिस ने बताया कि वह कोचिंग चलता है। कोचिंग छूटने से पहले ही उसने योजना बना ली थी कि बच्चे का अपहरण का उसके विदेश में कमाने वाले पिता से बीस लाख रुपये की फिरौती वसूलेगा। शातिराना तरीके से उसने फिरौली के लिए मोबाइल नंबर का इस्तेमाल नहीं किया। पहले इंटरनेट कॉलिंग से फिरौती मांगी। सफल नहीं हो पाया तो उसकी मां को व्हवाट्सएप से कॉल किया और फिरौती मांगी। पुलिस टीम शुरू से ही सिर्वलांस व साइबर सेल के साथ योजना बनाकर काम कर रही थी। उसकी चालाकी पकड़ ली और दबाव बनाकर को बच्चे को मुक्त करा लिया। इलाके के लोगों में उसकी छवि शातिर जालसाज की है। उसके साथियों की तलाश की जा रही है।

प्रभारी निरीक्षक पटहेरवा अतुल्य कुमार पाण्डेय, दरोगा अमित शर्मा प्रभारी स्वाट, एसओ कसया संजय कुमार, दरोगा राघवेन्द्र सिंह स्वाट, राजेश कुमार, रमेश पुरी, हवलदार अशोक कुमार सिंह, अखिलेश यादव, सिपाही रणजीत यादव, संदीप भास्कर, चन्द्रभान वर्मा, सर्विलांस टीम, अभिषेक यादव, आतीश कुमार, अनिल यादव, शशिकेश गोस्वामी, शिवानन्द सिहं, कृष्णमोहन सिंह, महेन्द्र यादव, सुबेदार यादव, सुनील यादव व महिला सिपाही आरती तिवारी। आदित्य के अपहरणकर्ताओ ने गुरुवार की देर रात उसकी माता के मोबाइल पर व्हाट्सएप कलिंग करते हुए 20 लाख की फिरौती मांगी तो परिजनों व पुलिस के होश उड़ा गए। साइबर सेल व सर्विलांस की मदद से पुलिस ने शातिर अपहर्ता को भोर तक ट्रेस कर लिया और दबाव बढ़ा दिया। गुरुवार की सुबह भी अपहृत की मां साविता देवी के मोबाइल पर इंटरनेट कालिंग कर बदमाशों ने बच्चे को सकुशल बताते हुए पुलिस में नहीं जाने की हिदायत दी थी। पुलिस ने तकनीक की मदद लेकर तभी से यह पता लगाना शुरू कर दिया था कि किस कंप्यूटर से कॉलिंग की गयी है मगर रात में व्हाट्सअप से कॉल कर अपहर्ता ने पुलिस की राह आसान बना दी। पुलिस ने दिन में ही अगल बगल के करीब एक दर्जन लोगों के मोबाइल फोन को अपने पास रख लिया था। इसके साथ ही पीड़ित की मां को हर सूचना पर अपने साथ ले जाती ताकि जहां कहीं भी जरूरत पड़े, अपहर्ता की उससे बात करायी जा सके। थानाध्यक्ष पटहेरवा अतुल्य कुमार पांडेय ने बताया कि अधिकारियों के निर्देशन में परीश्रम रंग लायी। पीड़ित परिवार को सही सलामत बच्चा सौंप दिया गया है।

बच्‍चे के अपहरण की घटना को लेकर रामकोला चट्टी गांव के हर घर से नए साल के खुशियों की रौनक शुक्रवार की दोपहर तक गायब रही। पूरा परिवार करीब 36 घंटे बेहद परेशान रहा। शुक्रवार को दोपहर में कसया से आये एक फोन कॉल ने परिजनों सहित गांव के लोगों की खुशियां दो गुना हो गयी। मारे खुशी के आंसू के साथ अपहृत बालक की 70 वर्षीय दादी भी झूम उठी। बच्चे के अपहरण के बाद से वर्मा परिवार सहित पूरे गांव की खुशियां गायब हो गयी थी। अपहृत बालक के बड़े पापा ईश्वर वर्मा ने बताया कि तीन दिन से घर मे चूल्हा नहीं जला था। परिवार सहित गांव के और बच्चे भी मारे डर के स्कूल न जाने को कहने लगे थे। जहां एक तरफ पूरा विश्व नए साल की खुशियां मना रहा था वही इस गांव से खुशिया गायब थी। लोगों के चेहरे अनहोनी की आशंका से अपनी चमक खो चुका था। गांव के हर लोग आदित्य की सकुशल बरामदगी के लिए मिन्नतें मांग रहे थे।

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