अब प्रदेश में लोककला चित्रकारों को भी मिलेगी छात्रवृत्ति

लोक कला के क्षेत्र में जुटे चित्रकारों व मूर्तिकारों को मिलेगी मदद . पांच हजार रुपए प्रतिमाह की दी जाएगी छात्रवृत्ति . राज्‍य ललित कला अकादमी ने नियमावली में दृश्‍य कला संग लोक कला को भी जोड़ा . अयोध्‍या में 14 दिसंबर से कला शिविर का होगा आयोजन

लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश में कला और संस्‍कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्‍य से राज्‍य ललित कला अकादमी की ओर से लोककला से जुड़े चित्रकारों व मूर्तिकारों के लिए भी छात्रवृत्ति योजना की शुरूआत की जा रही है। इसके तहत लोककला के क्षेत्र से जुड़े कलाकारों को भी अब प्रतिमाह छात्रवृत्ति दी जाएगी। राज्‍य ललित कला अकादमी द्वारा शासन को प्रस्‍ताव बनाकर भेजा गया था जिस पर शासन की मुहर लगने के बाद छात्रवृत्ति योजना के तहत नियमावली में संशोधन कर दृश्‍य कला के साथ लोककला को भी शामिल किया गया है।

सरयू के तट पर खिलेंगे कला के रंग

अकादमी की ओर से कला शिक्षण छात्रवृत्ति योजना के तहत प्रदेश के छह लोक कलाकारों को प्रतिमाह 5,000 रुपए की छात्रवृत्ति दी जाएगी। रिसर्च करने वाले अधिकतम 40 वर्ष की आयु के लोक कलाकारों को प्रोत्‍साहित देने व उनकी मदद करने के उद्देश्‍य से शुरू की गई छात्रवृत्ति से उनकी सुविधाओं में काफी इजाफा होगा। जनवरी माह से छह लोक कलाकारों को छात्रवृत्ति वितरित की जाएगी। बता दें कि अब तक सिर्फ दृश्‍यकला के चित्रकारों व मूर्तिकारों को ही छात्रवृत्ति की सुविधा मिलती थी पर अब प्रदेश के लोककला से जुड़े कलाकारों को भी छात्रवृत्ति की सुविधा दी जाएगी। रिसर्च करने वाले कलाकारों को छात्रवृत्ति के साथ ही चित्रकला व मूर्तिकला प्रदर्शनी के लिए 10 हजार रुपए की आर्थिक मदद भी मिलेगी।

प्रदेश में कला व संस्‍कृति को मिल रहा बढ़ावा

राज्‍य ललित कला अकादमी के सचिव यशवंत सिंह राठौर ने बताया कि कला व संस्‍कृति के क्षेत्र में उत्‍तर प्रदेश दूसरे प्रदेशों से उत्‍तम रहा है। यूपी की लोककला लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है। उत्‍तर प्रदेश सरकार के नेतृत्‍व में जहां एक ओर कलाकारों की कला को उचित मंच मिला है तो वहीं कलाकारों को बढ़ावा भी मिल रहा है। अभी तक आधुनिक चित्रकला व मूर्तिकला से जुड़े यूपी के पांच दृश्‍य कलाकारों को छात्रवृत्ति मिलती थी लेकिन नियमावली में संशोधन होने के बाद अब छह लोक कलाकारों को रिसर्च कार्यों से जोड़ कर एक साल तक छात्रवृत्ति दी जाएगी। इससे सांझी, बुदेंलखंडी समेत अन्‍य चित्रकलाओं को बढ़ावा मिलेगा।

सरयू के तट पर दिखेंगे चित्रकला के चटक रंग

राज्‍य ललित कला अकादमी की ओर से दिसंबर 14 से 18 तक अयोध्‍या में कला शिविर का आयोजन किया जाएगा। कला रंग कार्यक्रम के तहत ‘क्‍या कहती है सरयू की धारा’ विषय पर प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए 12 दिसंबर तक प्रदेश के कलाकारों का ऑनलाइन रजिस्‍ट्रेशन किया जा रहा है। अब तक इस शिविर के लिए 100 कलाकारों ने रजिस्‍ट्रेशन कराया है। अकादमी की ओर से आयोजित होने वाले कला शिविर का आयोजन लखनऊ व अयोध्‍या के बाद प्रयागराज, कानपुर, मथुरा और बनारस में भी किया जाएगा। अकादमी की ओर से स्‍व. अटल बिहारी वाजपेई के जन्‍मदिवस पर उनकी स्‍मृति में 24 व 25 दिसंबर को एक चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित कराई जाएगी और श्रीकृष्‍ण थीम पर मथुरा में एक चित्रकला प्रदर्शनी लगाई जाएगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button