हिस्‍ट्रीशीटर ने ‘दृश्‍यम’ स्‍टाइल में रची कत्‍ल की साजिश

गोरखपुर : थ्रिलर-ड्रामा फिल्‍म ‘दृश्‍यम’ की काफी चर्चा हुई थी। इस फिल्‍म में एक कत्‍ल को छिपाने के लिए फूल प्रूफ साजिश की कहानी दिखाई गई थी। अब गोरखपुर में एक हिस्‍ट्रीशीटर द्वारा एक कत्‍ल के लिए कुछ ऐसी साजिश रचने का मामला सामने आया है। शहर के शाहपुर इलाके में नौ अप्रैल को घर पर चढ़कर हुई वेद प्रकाश की हत्या का पुलिस ने करीब दो महीने के अंदर खुलासा करने का दावा किया है।

पुलिस ने शाहपुर थाने के हिस्ट्रीशीटर परवेज और उसके साथी मनोज को हत्याकांड में आरोपित बताते हुए गिरफ्तार किया है। वहीं एक अन्य युवक जिसकी उन्होंने बाइक इस्तेमाल की थी उसकी तलाश की जा रही है। परवेज को शक के आधार पर दो बार पहले भी पुलिस उठा चुकी थी लेकिन हर बार वह घटना के वक्त अपनी मौजूदगी चचेरी बहन की शादी में होना साबित कर खुद को बचा लेता था। दरअसल, परवेज ने इस हत्‍या की साजिश बेहद शातिर तरीके से रची थी। उसने हत्‍या के लिए जाने से पहले न सिर्फ अपना मोबाइल शादी वाली जगह पर छोड़ दिया बल्कि शादी के वीडियो में खुद को शामिल भी कर लिया। यही वीडियो दिखाकर वह बार-बार छूट रहा था लेकिन जब पुलिस को घटना में इस्तेमाल बाइक मिली, उसके बाद परवेज टूट गया और उसने जुर्म कबूल कर लिया।

जानकारी के मुताबिक शाहपुर के भैयाजीपुरम कॉलोनी निवासी वेद प्रकाश को 9 अप्रैल की रात करीब 10.30 बजे बदमाशों ने घर पर चढ़कर गोली मार दी थी। बदमाशों ने घर पर पहुंच कर गेट पर आवाज देकर वेद प्रकाश को बुलाया और जब वह बालकनी से नीचे झांक रहा था तभी उस पर गोली चला दी थी। सिर में गोली लगने से वेद प्रकाश की मौके पर ही मौत हो गई। घटना का पर्दाफाश करते हुए एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु ने बताया कि पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की तो कोई भी ऐसा एंगल नहीं मिल रहा था जिसकी वजह से हत्यारों तक पहुंचाया जा सके। काफी जांच के बाद सामने आया कि एक अर्धनिर्मित कांप्लेक्स में वेद प्रकाश अपने अपराधिक प्रवृत्ति के साथियों के साथ ही परवेज, मनोज सोनकर आदि के साथ बैठकर नशा किया करता था। इसी दौरान एक दिन परवेज के आने पर वेदप्रकाश ने कुर्सी नहीं छोड़ी थी। यह बात परवेज को नागवार लगी थी और इसको लेकर उनके बीच हाथापाई हो गई थी। परवेज ने उसी के बाद वेद प्रकाश की हत्या की योजना बना ली थी।

बहन की शादी के दिन बनाई हत्या की योजना
हत्या वाले दिन परवेज की चचेरी बहन की शादी थी। उसी दिन उसने मनोज के साथ मिलकर वेद प्रकाश की हत्या की योजना बनाई थी। घटनास्थल से महज एक किलोमीटर की दूरी पर शादी का समारोह चल रहा था। परवेज ने खुद को शादी के वीडियो में शामिल किया। महज चंद मिनटों में वहां से बिना मोबाइल के एक अन्य युवक की गाड़ी लेकर निकला और फिर कुछ ही देर हत्या करके दोबारा शादी में शामिल हो गया।

वीडियो दिखाकर छूट जा रहा था परवेज
शाहपुर इलाके का शातिर बदमाश ने वर्ष 2018 से पुलिस के लिए मुखबिरी शुरू कर दी थी। उसे पता था कि पुलिस किस तरह से काम करती है। परवेज ने पुलिस के काम के तरीके को ध्यान में रखते हुए अपनी प्लानिंग बनाई थी। उसने वह सारी सावधानी बरती थी जिससे पुलिस उस पर शक न कर पाए। उसने अपना मोबाइल शादी समारोह में ही छोड़ दिया था जिससे उसका लोकेशन शादी में ही दिखे। यही नहीं घटना के वक्त का शादी के वीडियो में वह खुद शामिल हो गया था। यही वजह थी कि वह पुलिस को बार-बार वीडियो दिखाकर छूट जाता था। पुलिस ने दो बार उसे शक के आधार पर उठाया था लेकिन दोनों बार उसे छोड़ना पड़ा था।

बाइक नम्बर के शक पर टूटा और कबूल लिया जुर्म
दरअसल हत्या के बाद जांच में जुटी पुलिस को एक बाइक जाती दिखी थी। बाइक का नम्बर तो मिल गया था लेकिन बाइक सवार का चेहरा साफ नहीं था। उस नम्बर के आधार पर पुलिस ने फिर पड़ताल की और परवेज को तीसरी बार उठाया तो उसने बाइक मालिक का नाम बता दिया। उसके बाद पुलिस का शक परवेज पर और गहरा हो गया। कड़ाई से पूछताछ के बाद उसने हत्या का जुर्म कबूल कर लिया।

परेवज पर 16 तो मनोज पर है चार मुकदमे
परवेज अंसारी इतना शातिर है यह इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि उसके खिलाफ 16 मुकदमें दर्ज हैं जिसमें हत्या और हत्या के प्रयास के भी कई मुकदमें हैं। यानी वह एक नहीं कई बार जेल जा चुका है। वहीं मनोज पर चार मुकदमें दर्ज है। मनोज के विवाद को परवेज ने निपटाने में मदद की थी इसलिए मनोज ने इस योजना में परवेज का साथ दिया था।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button