पीपीगंज-रिटायर्ड रेलकर्मी से कोरोना ने छीन लिए दो जवान बेटे, अब सता रही पोतों की परवरिश की चिंता

  • शरद गुप्ता

गोरखपुर : पीपीगंज के तिघरा गांव निवासी रेलवे से रिटायर्ड महेश के दो जवान बेटों की सात महीने के भीतर मौत हो गई। बड़े बेटे की दीवाली के दिन ही मौत हो गई थी। लोग अपने घरों में चिराग जला रहे थे उस वक्त महेश के घर का चिराग बुझ रहा था। मौत के इस सदमे को बुढ़े पिता ने किसी तरह से सहा था कि इस बीच शुक्रवार को कोराना ने उनके छोटे बेटे को निगल लिया। छोटे बेटे सोहन की बाराबंकी स्थित ससुराल में मौत हो गई। कोरोना की वजह से घर शव ले आए बिना ही ससुराल के लोगों ने वहीं पर अन्तिम संस्कार कर दिया। इस भयावह बीमारी के चलते पिता अपने बेटे का चेहरा तक देख पाए। दुख की घड़ी में पूरे गांव में मातम है।

पीपीगंज के तिघरा निवासी महेश के दो बेटे थे। बड़ा बेटा राममिलन और छोटा सोहन। दोनों की शादी हो गई थी। बड़े बेटे की पिछले साल दिवाली के दिन ही मौत हो गई। बड़े बेटे की मौत से पिता टूट गए। राम मिलन तीन बच्चों का पिता था। महेश रेलवे से रिटायर्ड हैं इसलिए उनकी पेंशन से बच्चों की परवरिश शुरू हो गई। उधर, छोटा बेटा सोहन ज्यादातर अपने ससुराल बाराबंकी में रहता था। सोहन की पत्नी नर्स है जबकि ससुर स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारी। पिछले दिनों सोहन की तबीयत खराब हुई परिवर के लोगों ने सोहन को अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। छोटे बेटे की भी मौत की खबर के बाद महेश पूरी तरह से टूट गए। महेश से बात कर सोहन के ससुरालवालों ने बाराबंकी में ही सोहन का अन्तिम संस्कार कर दिया। कोराना की वजह से बुजुर्ग पिता से सोहन का शव दूर रखा गया। सोहन के बच्चे नहीं हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button