सात साल के मासूम पर गुस्‍सा उतारा, गला दबाकर ले ली जान

शरद गुप्ता

कुशीनगर : सात साल के मासूम राजन की हत्या की गुत्थी पु‍लिस ने 14 दिन बाद सुलझा ली। घरेलू झगड़े में राजन की सगी बड़ी मां ने ही उसकी हत्या की थी। हत्या के मामले का खुलासा करने का दावा करते हुए पुलिस ने आरोपी बड़ी मां को गिरफ्तार बुधवार को जेल भेज दिया। 30 सितम्बर की शाम करीब 4 बजे रामकोला थाना क्षेत्र के भठही बुजुर्ग गांव के टोला विशुनपुरा निवासी शारदा चौहान के 7 वर्षीय बेटे राजन का शव गांव के उत्तर खेत की तरफ घास काटने गईं महिलाओं ने दयाशंकर गोविंद राव के गन्ने के खेत में देखा था।

महिलाओं के शोर मचाने पर पहुंचे परिजनों ने राजन के शव को गन्ने के खेत से बाहर निकालकर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस शव को कब्जे में लेकर थाने आई जहां घंटों हंगामे के बाद परिजनों ने तीन नामजद के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया। तीन में से दो नामजद आरोपियों को पुलिस ने रात में ही पूछताछ के लिए थाने बुला लिया। परिजनों के साथ ग्रामीण तत्काल सभी नामजद आरोपियों को जेल भेजने को लेकर हंगामा करते रहे। पुलिस को उन्हें समझाने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी थी।
घटना के खुलासे का दावा करते हुए रामकोला एसओ केपी सिंह ने बताया कि शारदा और नर्वदा दो भाई हैं। राजन के पिता शारदा छोटे हैं। घटना के दिन शारदा की पत्नी सुभागी और नर्वदा की पत्नी अंजू में जबरदस्त झगड़ा हुआ था। सूचना मिलने पर 112 नम्बर की पुलिस मौके पर गई थी और दोनों पक्षों को थाने बुलाया था। दोनों पक्षों ने थाने आकर तहरीर दी फिर समझौता कर घर के लिए निकल लिए। शारदा की पत्नी सुभागी किसी काम से बाजार में रुक गई। जबकि नर्वदा की पत्नी अंजू सीधे घर चली गई। चूंकि दोनों देवरानियों में आए दिन झगड़ा होता रहता था इसलिए घर लौटाते समय अंजू ने राजन को खेलते देख लिया और गन्ना देने के बहाने उसे गन्ने के खेत में ले गई। अंजू बड़ी मां थी इसलिए उसके बुलाने पर खुशी खुशी राजन गन्ने के खेत में चला गया। अंजू ने वहीं गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और वहां से घर चली गई। एसओ के अनुसार अंजू पूछताछ में पहले तो टाल मटोल करती रही लेकिन जब साक्ष्यों के आधार पर कड़ाई से पूछताछ की गई तो टूट गई। उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने मामले में दर्ज हत्या और साक्ष्य छिपाने की धारा में अंजू को जेल भेज दिया। हालांकि पुलिस ने प्रधान प्रतिनिधि व एक अन्य आरोपी को पूछताछ के लिए अब भी थाने में रोकी है। इस खुलासे में एसओ के साथ सिपाही अमित सिंह, विजय कुमार, धर्मेन्द्र यादव, महिला सिपाही प्रिया पांडेय व सरोज यादव की मुख्य भूमिका रही।

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